एवैस्कुलर नेक्रोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डी के ऊतकों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंच पाता। जब किसी हड्डी को सही मात्रा में खून नहीं मिलता, तो उसके अंदर मौजूद कोशिकाएं धीरे-धीरे मरने लगती हैं। इस कारण हड्डी कमजोर हो जाती है और समय के साथ घिसने लगती है। इसे ऑस्टियोनेक्रोसिस भी कहा जाता है। यह समस्या किसी भी व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन अधिकतर 30 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में देखी जाती है।
शरीर के किन हिस्सों पर असर?
यह रोग अधिकतर कूल्हे के जोड़ को प्रभावित करता है। इसके अलावा कंधे, घुटने, टखने और हाथों के जोड़ भी प्रभावित हो सकते हैं। जब कूल्हे में यह समस्या होती है, तो जांघ, नितंब और कमर के आसपास दर्द महसूस हो सकता है।
मुख्य लक्षण
शुरुआती अवस्था में कई लोगों को कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, निम्न संकेत दिखाई दे सकते हैं:
- चलने या वजन उठाने पर जोड़ में दर्द
- आराम करते समय भी दर्द बने रहना
- प्रभावित जोड़ की गति कम हो जाना
- लंगड़ाकर चलना
यदि जोड़ों में लगातार दर्द बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कारण क्या हैं?
एवैस्कुलर नेक्रोसिस के कई कारण हो सकते हैं:
- चोट या फ्रैक्चर – किसी जोड़ या हड्डी में गंभीर चोट लगने से रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
- रक्त नलिकाओं में रुकावट – वसा जमा होने से रक्त प्रवाह कम हो सकता है।
- कुछ बीमारियां – सिकल सेल एनीमिया, गौचर्स रोग, डायबिटीज, पैंक्रिएटाइटिस, एचआईवी या लुपस जैसी स्थितियों में हड्डियों तक रक्त कम पहुंच सकता है।
- स्टेरॉयड दवाएं – लंबे समय तक अधिक मात्रा में लेने से जोखिम बढ़ सकता है।
- अधिक शराब सेवन – नियमित और अत्यधिक शराब पीने से रक्त नलिकाएं संकरी हो सकती हैं।
कई मामलों में स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाता।
खतरे और जटिलताएं
यदि समय पर इलाज न कराया जाए, तो हड्डी कमजोर होकर टूट सकती है। जोड़ की सतह खराब हो सकती है, जिससे गंभीर गठिया की समस्या हो सकती है। इससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
जांच कैसे होती है?
डॉक्टर लक्षणों और शारीरिक जांच के आधार पर समस्या का अनुमान लगाते हैं। एक्स-रे, एमआरआई या अन्य जांच से हड्डी की स्थिति स्पष्ट की जाती है। शुरुआती चरण में सही जांच से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
उपचार के विकल्प
इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि हड्डी को कितना नुकसान हुआ है।
- दवाएं – दर्द कम करने और सूजन घटाने के लिए।
- फिजियोथेरेपी – जोड़ की गति और ताकत बनाए रखने के लिए।
- आराम और सहारा – प्रभावित हिस्से पर वजन कम डालना।
- सर्जरी – गंभीर स्थिति में क्षतिग्रस्त हड्डी को हटाकर दूसरी हड्डी लगाई जा सकती है या जॉइंट रिप्लेसमेंट किया जा सकता है।
समय पर उपचार से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
निष्कर्ष
एवैस्कुलर नेक्रोसिस एक गंभीर हड्डी रोग है जिसमें रक्त की कमी के कारण हड्डी के ऊतक नष्ट होने लगते हैं। शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय पर पहचान और उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है। जोड़ों में लगातार दर्द, चलने में कठिनाई या सूजन को नजरअंदाज न करें और उचित जांच करवाएं।
किसी भी बड़े आहार, जीवनशैली या दवा से जुड़े परिवर्तन से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें।
वे आपकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार व्यक्तिगत सलाह प्रदान कर सकते हैं।
नोट – यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी चिंता है, तो कृपया हमें +91-9058577992 पर संपर्क करें और हमारे अनुभवी डॉक्टरों से मुफ्त परामर्श प्राप्त करें। धन्यवाद।
